Bhasha kise kehte hai I bhasha ke roop

दोस्तो आज हमलोग जानेंगे की भाषा किसे कहते (Bhasha kise kehte hai) है? भाषा के कितने रूप होते है ? दोस्तो भाषा व्याकरण का मूल जड़ है। कुछ भी लिखने और पढ़ने से पहले आपको भाषा का ज्ञान होनी चाहिए। जब कोई शिशु जन्म लेता है तो वह सबसे पहले अपनी पारिवारिक भाषा को सीखता है। न की व्याकरण , ठीक उसी प्रकार जब कोई व्यक्ति किसी नई भाषा को सीखता है तो उसे उस भाषा के व्याकरण का पूर्ण ज्ञान नही होता है। लेकिन धीरे धीरे बोलने की प्रयास से वह उस भाषा में माहिर हो जाता है।

भाषा किसे कहते है?

भाषा वह साधन है, जिसके माध्यम से व्यक्ति बोलकर , लिखकर या सांकेतिक रूप से अपने मन के विचार को किसी दूसरे व्यक्ति के समक्ष प्रकट करता है। Bhasha kise kehte hai

भाषा के कितने रूप होते हैं?

भाषा को मुख्यत: तीन रूपों में बाटा गया है।
• मौखिक भाषा
• लिखित भाषा
• संकेतिक भाषा

Bhasha kise kehte hai
Bhasha kise kehte hai

मौखिक भाषा

जब कोई व्यक्ति बोल कर अपने विचार को किसी दूसरे व्यक्ति के समक्ष प्रकट करता है तो विचार प्रकट करने के इस माध्यम को मौखिक भाषा कह सकते है। जैसे अपने विचार को किसी व्यक्ति से वार्तालाप कर प्रकट करना ।

लिखित भाषा

जब कोई व्यक्ति अपने विचार को लिख कर किसी दूसरे व्यक्ति के समक्ष प्रकट करता है तो विचार प्रकट करने के इस माध्यम को लिखित भाषा कह सकते है। जैसे पत्र के द्वारा अपने विचार प्रकट करना ।

सांकेतिक भाषा

सांकेतिक भाषा का प्रयोग अपने विचार को किसी व्यक्ति के साथ संकेत तरीके से प्रकट करने के लिए किया जाता है। सांकेतिक भाषा के तहत अलग अलग माध्यमो का प्रयोग किया जाता है। जैसे
ट्रैफिक पुलिस के द्वारा लाल और हरे रंग , स्कूलों में घंटी की आवाज , और कभी कभी शरीर के अंगो का प्रयोग।

भाषा व्यक्त करने का चाहे जो भी तरीका हो , हम किसी न किसी शब्द या भाव की ओर ही इशारा करते हैं। इन शब्दों द्वारा हम अपनी ईच्छा , क्रोध , प्रेम और आवश्यकता को प्रकट करते हैं। भाषा के द्वारा हम बहुत सारे कार्य करते हैं भाषा से हमारी योग्यता और अयोग्यता का भी पता चलता है। एक अच्छी भाषा किसी व्यक्ति के सामाजिक स्थिति और उसके स्वभाव का परिचय देता है Bhasha kise kehte hai

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