Durga aarti pdf I Durga aarti lyrics

दोस्तों अगर आप durga aarti pdf ढूंढ रहे हैं तो अब आपको ओर ढूंढने की जरूरत नही है क्योंकि आज के इस लेख में हम मां दुर्गा की आरती को आप लोगों के साथ शेयर करने वाले हैं जिसे आप आसानी से पढ़ सकते हैं इसके अलावा अगर durga aarti pdf download करना चाहते हैं तो pdf का लिंक लेख के अन्त में नीचे दी हुई है जिसे आप आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं।

दोस्तों मां तो मां होती है अतः सच्चे मन से कभी भी मां दुर्गा की आरती का पाठ कर सकते हैं। लेकिन नवरात्रि महोत्सव के दौरान सुबह – शाम दोनों समय मां की आरती का पाठ करनी चाहिए। जो काफी फलदायी है और पुण्य भी मिलता है।

Durga aarti pdf

जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी।
तुमको निसदिन ध्यावत हरि ब्रम्हा शिवरी ॥
जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी ।

मांग सिंदूर विराजत टीको मृगमदको ।
उज्जवल से दोऊ नैना चन्द्रवदन नीको ॥
जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी।

कनक समान कलेवर रक्ताम्बर राजे ।
रक्त पुष्प गल माला कण्ठन पर साजे ॥
जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी।

केहरि वाहन राजत खड्ग खप्पर धारी।
सुर नर मुनि जन सेवत तिनके दुःख हारी ॥
जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी ।

कानन कुंडल शोभित नासाग्रे मोती ।
कोटिक चंद्र दिवाकर राजत सम ज्योति॥
जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी ।

शुंभ निशंभु विदारे महिषासुरधाती।
धूम्रविलोचन नैना निशदिन मदमाती ॥
जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी ।

चण्ड मुण्ड संहारे शोणित बीज हरे।
मधु कैटभ दोउ मारे सुर भयहीन करे ॥

जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी।
ब्रम्हाणी रुद्राणी तुम कमलारानी।
आगम निगम बखानी तुम शिव पटरानी ॥
जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी।

चौसठ योगिनी गावत नृत्य करत भैरूँ।
बाजत ताल मृदंगा अरु डमरुँ ॥
जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी |

तुम ही जग की माता तुम ही हो भरता।
भक्तन की दुःखहर्ता सुख सम्पत्ति कर्ता ॥
जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी।

भुजा चार अति शोभित वर मुद्रा धारी।
मनवांच्छित फल पावे सेवत नर नारी ॥
जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी ।

कंचन थाल विराजत अगर कपुर बात्ती।
श्री माल केतु में राजत कोटि रतन ज्योति॥
जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी।

या अम्बे जी की आरती जो कोई नर गाये।
कहत शिवानंद स्वामी सुख संपत्ति पाये॥
जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी ॥

durga aarti pdf
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Durga aarti in English

Om Jai Ambe Gauri, Maiya Jai Shyama Gauri ITumako Nishadin Dhyavat, Maiya Ji Ko Sada Manavat, Hari Brahma Shivari II

Om Jai Ambe Gauri I

Maang Sindoor Viraajat, Teeko Mrgamad Ko I Ujjval Se Dou Naina, Nirmal Se Dou Naina, Chandrabadan Neeko II

Om Jai Ambe Gauri I

Kanak Samaan Kalevar, Raktaambar Raje I Rakta Pushpa-Galmala, Laal Kusum Galmala, Kanthan Par Saje ||

Om Jai Ambe Gauri I

Kehari Vahan Raajat, Khadag Kaparadhari I Sur Nar Munijan Sevat, Sur Nar Munijan Dhyavat, Tinake Dukhahari II

Om Jai Ambe Gauri I

Kaanan Kundal Shobhit, Nasagre Moti I Kotik Chandr Divakar, Kotik Chandr Divakar, Sam Raajat Jyoti II

Om Jai Ambe Gauri I

Shumbh Nishumbh Vidare, Mahishasur Ghati IDhoomr Vilochan Naina, Madhur Vilochan Naina, Nishadin Madamati II

Om Jai Ambe Gauri I

Chanda Munda Sanghare, Shonit Beej Hare IMadhukaitabh Dou Mare, Madhukaitabh Dou Mare, Sur Bhayaheen Kare II

Om Jai Ambe Gauri I

Brahmani Rudrani Tum Kamala Rani I
Aagam Nigam Bakhani, Chaaron Ved Bakhani, Tum Shiv Patarani II

Om Jai Ambe Gauri |

Chausath Yogini Gaavat, Nritya Karat Bhairo I Baajat Taal Mrdanga, Baajat Dhol Mrdanga, Aru Baajat Damaroo ll

Om Jai Ambe Gauri I

Tum Ho Jag Ki Mata, Tum Hi Ho Bharta I Bhaktan Ki Dukh Harata, Santan Ki Dukh Harata, Sukh-Sampatti Karata II

Om Jai Ambe Gauri I

Bhuja Chaar Ati Shobhit, Khadag Khappar Dhari IManavanchit Phal Paavat, Manichchha Phal Paavat, Sevat Nar Rani ll

Om Jai Ambe Gauri I

Kanchan Thaal Virajat, Agar Kapoor Bati Shree Maalketu Mein Raajat, Dhola Giri Par Raajat, Koti Ratan Jyoti !!

Om Jai Ambe Gauri I

Shree Ambe Ji Ki Aarti, Jo Koi Nar Gaavai, Maiya Prem Sahit Gaaven I Kahat Shivanand Svami, Ratat Harihar Svami, Manvaanchit Phal Paave II

Om Jai Ambe Gauri I

Maiya Jai Shyama Gauri, Tumko Nishdin Dhyavat | Maiya Ji Ko Sada Manavat,Hari Brahma Shivari II

Om Jai Ambe Gauri I

Durga aarti pdf download

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