kriya in hind I kriya in hindi class 8

दोस्तो आज हमलोग हिंदी व्याकरण में क्रिया (kriya in hind) के बारे में जानेंगे । अगर आप क्रिया के बारे मे या इसके प्रकार के बारे में जानना चाहते है तो इस लेख को ध्यान पूर्वक पढ़े जहा आपको क्रिया से संबंधित जानकारी विस्तार से दी जाएगी।

क्रिया किसे कहते हैं?(kriya)

किसी वाक्य में काम के होने या करने को क्रिया कहते है। क्रिया ही किसी वाक्य को पूर्ण बनाती है। अतः किसी काम का होना या करना समझा जाय , क्रिया कहलाती है।

उदाहरण_
मजदूर मिट्टी कटता है।
लोहार लोहा पिटता है।
मोहन स्कूल जाता है।

उक्त वाक्य में कटना ,पिटना , जाता क्रिया पद है।

क्रिया के सामान्य रूप में “ना” लगा होता है। जैसे_
पढ़ना , जाना , खाना , कूदना आदि।

क्रिया का एक रूप क्रियार्थक संज्ञा का काम भी करता है। जैसे_
टहलना

क्रिया मुखतः पांच प्रकार के होते हैं।

• सकर्मक क्रिया
• अकर्मक क्रिया
• पूर्ण कालीन क्रिया
• संयुक्त क्रिया
• नामधातु क्रिया

सकर्मक क्रिया

जिस क्रिया का फल कर्ता पर न पड़ कर कर्म पर पड़े, सकर्मक क्रिया कहते है।
जैसे_
मोहन स्कूल जाता है।
राम किताब पढ़ता है।
सचिन क्रिकेट खेलता है।
गुड़िया पानी भरती हैं।
राज गाना गाता है।

अतः यह आवश्यक है की वाक्य में क्रिया अपने साथ कर्म भी लाए।

kriya in hindi
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अकर्मक क्रिया

जिस क्रिया का फल कर्ता पर पड़ता हैं। ,अकर्मक क्रिया कहते है। यानी इसके साथ कर्म का बोध नही होता है।

कुछ क्रियाएं सकर्मक ओर अकर्मक दोनो होती है।_

• बाल्टी भरा है।
• हमने बाल्टी भरा है।
• वह सिर खुजलाता है।
• वह अपना सिर खुजलाता है।

पूर्व कालीन क्रिया

जब कोई कर्ता एक क्रिया समाप्त करके दुसरे क्रिया करता है तब पहली क्रिया पूर्व कालीन क्रिया कहते है।
जैसे_
मोहन खाकर सो गया।
वह पढ़ कर खेलता है।

इन दोनो वाक्यों में सो कर और पढ़ कर दोनो पूर्वकालीन क्रिया है।

सयुक्त क्रिया

जो क्रिया दो या दो से अधिक धातुओं के योग से मिलकर नया अर्थ देती है। यानी किसी एक ही क्रिया का काम करती है, सयुक्त क्रिया कहते है।
जैसे_
मोहन खाना खा लिया।
तुमने उससे ले लिए।

नामधातू क्रिया

क्रिया को छोड़ कर दूसरे शब्दो ( संज्ञा, सर्वनाम , विशेषण ) से जो धातु बनते है, उन्हे नामधातु कहते है।
जैसे_
तुमने मेरी बात झुटला दी है।
जरा चाय गरमा देना।

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